हालात बचाब कर्मियों के…

कहानी नया नहीं है साहबजिंदगी है बचाब कर्मियों की..(2)कब बुलावा आ जाए और कहां जाना पड़ जाएयहां कोई ठिकाना नहीं… असलियत को उसने झेला है जो रात भर पानी के घेरे में था (2)ना खाने का ठिकाना, ना रहने कासिर्फ उनके आंसु दिखते हैं साहब । यह कहानी नया नहीं है साहबजिंदगी है बचाव कर्मियों … Continue reading हालात बचाब कर्मियों के…