कहानी नया नहीं है साहब
जिंदगी है बचाब कर्मियों की..(2)
कब बुलावा आ जाए और
कहां जाना पड़ जाए
यहां कोई ठिकाना नहीं…
असलियत को उसने झेला है जो
रात भर पानी के घेरे में था (2)
ना खाने का ठिकाना, ना रहने का
सिर्फ उनके आंसु दिखते हैं साहब ।
यह कहानी नया नहीं है साहब
जिंदगी है बचाव कर्मियों की…
कुछ समय केलिए भगवान मान लेते हैं (2)
जब बचाब कर्मी पहुंचते हैं उनके पास
जैसे खुशी की आंसू आ जाते है (2)
उनके दर्द भरे उनकी चेहरे से…
एक पल ऐसा भी आता है,
जब सौदा किया जाता है हमारे साथ (2)
पहले हमको बचाओ आपका उपकार होगा(2)
मगर उनको क्या पता,
हमतो सबको बचाने आएं है…
यह कहानी नया नहीं है साहब
जिंदगी है बचाव कर्मियों की…(2)
रात की नींद और आराम की जिंदगी (2)
जैसे मिटने लगी है जिंदगी से..
दिल धड़कता रहता है साहब
ऐसी आपदा ना आए कभी जिंदगी में…
(अभी NDRF की असली चैलेंजिंग ड्यूटी के बारे में बयान करने वाला हूं )
जब असलियत को देखना हैं ना (2)
तो एक बार हमारे साथ बाढ़ में उतर कर तो देखो
पता चलेगा कि असली जिंदगी की कर्तव्य क्या होता है ।
यह कहानी नया नहीं है साहब
जिंदगी है बचाव कर्मियों की…(2)
भाषण देने आ जाते है
कुछ सरफिरे जिनको
पता नहीं की असली बाढ़ क्या होता है ???
क्यों की हम छोटे कर्मचारी है साहब,
हमारा दर्द आपको कैसे दिखता ???
जो हम नहीं दिखाना चाहते हैं…
AC कमरे में बैठने बालों को
क्या पता बाढ़ कैसा होता है ??
एक बार बाढ़ में डूब कर तो देखो,
पता चलेगा की असली जिंदगी
की मजा क्या होती है ?
यह कहानी नया नहीं है साहब
जिंदगी है बचाव कर्मियों की…(2)
कैसा लगा जरूर बताएं…
By. Bhuyan…..
