जिस चीज़ को खरीदने की औकात आपकी कैश में नहीं है उसको EMI पे कभी मत खरीदना ।
कर्जे की शुरुआत वही से होती है और कर्जा शुरुआत में बड़ा हल्का लगता है।
अरे पाँच छह हज़ार का तो EMI है ।
ऐसे ही देखते देखते EMI खत्म हो जाएगा।
अगले महीने चुका देंगे ना?
फिर वो पाँच से सात कब बनेगा सात से दस कब बनेगा,
दस से पंद्रह कब बनेगा और उसी तरीके से वो मल्टीपल्स में कब बनने लग जाएगा आपको पता भी नहीं चलेगा ।
फिर वो एक दिन आपको ले डूबता है ।
जो इसका सही इस्तेमाल करते हैं, उनको सैल्यूट 🫡 जो इस जाल में फंसे हुए हो या होने जा रहे हो।
उनके लिए यह सतर्क बाणी है।
कैश में हो रहा है तो कैश में खरीदा करो, लोन और क्रैडिट कार्ड आपको भिखारी जैसा फीलिंग देता है ।
जो क्रेडिट कार्ड और लोन का लेनदेन करते हैं उनको भली भांति समझ में आ गया होगा।
क्यूं कि आपकी फैमिली आपके भरोसे पर जिंदगी बीता रहे हैं।
सोच समझकर खर्चा करिएगा।
सोच और रुपए का सही इस्तेमाल ही आपकी SAVING को बढ़ोतरी ला सकती है।
आपकी सोच ही आपकी सेविंग है।
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